जयपुर। राजस्थान के दबंग आईपीएस पंकज चौधरी ने हाल ही दक्षिण भारत की जानी-मानी शक्सियत जस्टिस के. चंद्रू से मुलाकात की। के. चंद्रू ने करियर के शुरुआती दिनों में वकालता की और अपनी मेहनत के बूते मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस पद तक पहुंचे। उनके द्वारा लडेÞ केस और उनके फैसलों पर दक्षिण की फिल्म जयभीम बनी है।
जस्टिस के. चंदू्र के नाम 97000 केस डिस्पोज करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने अपने कार्यकाल में हर दिन 70-75 निर्णय देने का अनूठा रिकॉर्ड कायम किया है, जो आज भी बना हुआ है। राजस्थान काडर के वरिष्ठ आईपीएस पंकज चौधरी को आज सेवानिवृत्त जस्टिस के. चंदू्र से चेन्नई में प्रसिद्ध हल्नानी पालखीवाला आर्बिटेÑशन सेंटर में प्रमाण प्रत्र सौंपा। इस मुलाकात के बारे में बताते हुए आईपीएस पंकज चौधरी कहते हैं, जस्टिस के. चंद्रू जी का व्यक्तित्व अदभुत है। वे बेहद सहज और सरल हैं। उन्हं एक ऐसे जस्टिस के तौर पर पहचाना जाता है, जिसने रिटायरमेंट के बाद सरकारी सुविधाएँ लेने से मना कर दिया। जिसके दरवाजे सभी के लिए खुले रहते हंै। न्याय व राहत देने की उत्कंठ अभिलाषा के साथ 72 वर्षीय सेवानिवृत्त जस्टिस के. चंद्रू सभी के लिए प्रेरणा के श्रोत हंै।